Not known Facts About Fear Aur Dar Ko Kaise Jeetein – Tantrik Upay & Divya Sadhana



स्कूलों के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम

आपके साथ ऐसी दिक्कत ना हो और डर कम हो, इसके लिए आप कुछ अच्छे दोस्त बनायें, उनके साथ समय बिताएं.

पर इस चीज़ की गारंटी है की वो इन पैसों से कभी खुश और निर्भीक नहीं रह पायेंगे.

आप जितना उसे फेस करते हैं, वो उतना ही छोटा हो जाता है

एक कागज पर उस डर को लिखिए जो आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।

अपने अंदर के डर को कैसे दूर भगाएं

यदि कोई जानता है कि उसे किस बात से सबसे अधिक (भय) यानी डर लगता है तो उसके लिए डर को खत्म करना बहुत सारल हो जाता है। दरअसल डर एक प्रतिक्रिया है जो हमारी मनोदशा के रूप में सामने आता है जिसे हम तब महसूस करते हैं जब हमारी मनोदशा में किसी खतरे का अंदेशा होने लगता है

क्या आप केवल इस वजह से दूसरे राज्य/देश में रहने वाले अपने फैमिली मेम्बर से मिलने नहीं जाते, क्योंकि वहाँ जाने के लिए आपको प्लेन से सफर करना होता है? पता करें कि आपके विचारों और व्यवहार पर भय का कितना प्रभाव पड़ता है।

हमेशा सकारात्मक रहते हुए ज़िन्दगी को बिताएं. बुरा किसके साथ नहीं होता? सबके साथ होता है. सुख दुःख सबके जीवन में चलते रहते हैं.

आप सकारात्मक पक्ष को समझकर अपने डर का फायदा उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए, बहुत से लोगों को स्टेज पर जाने से डर लगता है, लेकिन मंच पर होने का डर आपको उस पल के बारे में जागरूक होने में मदद कर सकता है और आप जो करने जा रहे हैं उस पर गहन ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। अपने डर को स्वीकार करना सीखें और फिर ये जहां पर सबसे अधिक उपयोगी होने वाला है, उसे उसी दिशा में ले जाएँ।

“डर मेरा मार्गदर्शक नहीं है – मैं हूँ।”

मनोचिकित्सा मन और शरीर के संबंध पर आधारित होता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

जब हम किसी विपरीत परिस्थिति में फंस होते हैं या डर लगने वाली स्थिति होती है तो मन तरह-तरह के बहाने बनाने लगता हैं – मेरे साथ ही ऐसा Fear Aur Dar Ko Kaise Jeetein – Tantrik Upay & Divya Sadhana क्यों हो रहा है? मेरे पास ये नहीं है, वो नहीं हैं, मैं तो अकेला हूं!

हर बार जब आप कोई छोटा कदम लेते हैं, डर थोड़ा कम हो जाता है।

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